
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा ठोस और दूरदर्शी फैसले लिए जा रहे हैं। यह जानकारी परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने एक पत्रकार परिषद में दी। उन्होंने बताया कि डीज़ल खरीद की निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से लागू किया गया है, जिसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया गया। इस प्रक्रिया के कारण केवल डीज़ल खरीद में ही हर वर्ष लगभग 241 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। शुक्रवार को मंत्री सरनाईक ने कहा कि वर्तमान में एसटी का दैनिक खर्च उसके आय से 1 से 2 करोड़ रुपये अधिक है, जिससे केवल टिकट बिक्री पर निर्भर रहना संभव नहीं है। ऐसे में वैकल्पिक आय स्रोतों का निर्माण करना समय की आवश्यकता बन गई है। इसी दिशा में चालू वित्तीय वर्ष में डीज़ल बचत के साथ-साथ विज्ञापन के माध्यम से लगभग 250 करोड़ रुपये की आय प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि एसटी में आर्थिक अनुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता बढ़ाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए आने वाले वित्तीय वर्ष में कई नई योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें स्क्रैपिंग प्रोजेक्ट, चालक-परिचालकों की ड्यूटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग कर ओवरटाइम भत्ते पर नियंत्रण, तथा अन्य सुधारात्मक कदम शामिल हैं। मंत्री के अनुसार, इन सभी उपायों के माध्यम से अगले वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे एसटी महामंडल को आर्थिक रूप से सक्षम और टिकाऊ बनाया जा सके।




