
इन्द्र यादव /ठाणे। ठाणे और डोंबिवली इलाके में एक प्रभावशाली बिल्डर के रूप में पहचान रखने वाले सुरेंद्र पाटिल की असली सच्चाई उस समय सामने आई, जब ठाणे क्राइम ब्रांच ने उसके डावड़ी स्थित आलीशान बंगले पर छापा मारकर अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रील्स के जरिए खुद को ‘डॉन’ और ‘रॉबिनहुड’ जैसी छवि में पेश करने वाला पाटिल असल में गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाया गया। शनिवार आधी रात को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बंगले की तलाशी ली, जहां शुरुआती जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन एक संदिग्ध शू-रैक ने पूरे मामले का राज खोल दिया। रैक को हटाने पर पीछे एक गुप्त खांचा मिला, जिसमें 7 अवैध पिस्टल और तमंचे, 371 जिंदा कारतूस, एक महंगी तलवार, दो बड़े सुरे, दो कोयते और बटन चाकू के साथ-साथ करीब 2 लाख रुपये के हाई-एंड स्मार्टफोन बरामद हुए। यह जखीरा किसी व्यक्तिगत सुरक्षा के बजाय एक संगठित आपराधिक तैयारी की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि पाटिल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था और इतने कम समय में हथियारों का इतना बड़ा संग्रह कई सवाल खड़े करता है—क्या वह गैंगवार, जमीन कब्जे या सोशल मीडिया पर अपनी ‘दहशत’ की छवि को और मजबूत करने की योजना बना रहा था। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब हथियारों के सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया की ‘रील लाइफ’ और असल अपराध के बीच के खतरनाक संबंध को उजागर करता है, जहां दिखावे की चमक के पीछे गंभीर आपराधिक सच्चाई छिपी होती है।




