
मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को हाई-प्रोफाइल सतारा ड्रग्स मामले में कड़े महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) को लागू कर दिया है। यह निर्णय 13 दिसंबर 2025 को सतारा जिले के सावरिगांव गांव में की गई बड़ी कार्रवाई के बाद लिया गया, जहां एक अवैध ड्रग्स निर्माण यूनिट पर छापेमारी के दौरान 115 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स बरामद की गई थी। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि यह गतिविधि केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था। अपराध की गंभीरता और नेटवर्क की व्यापकता को देखते हुए अब इस मामले में मकोका की धाराएं जोड़ी गई हैं। मकोका लागू होने के बाद इस केस की आगे की जांच अब असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी, जिससे जांच और अधिक गहराई से की जा सकेगी। सावरिगांव में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया था। हालांकि, क्राइम ब्रांच ने अपने आधिकारिक बयान में इस मामले में किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि की संलिप्तता से स्पष्ट रूप से इनकार किया है और कहा है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जा रही है। क्राइम ब्रांच की इस सख्त कार्रवाई को महाराष्ट्र में ड्रग्स के संगठित कारोबार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।




