
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से पूर्व विकास कार्यों की तैयारी तेज़ कर दी गई है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह श्री महाकाल मंदिर के 500 मीटर दायरे में स्थित बेगमबाग इलाके में अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। उज्जैन विकास प्राधिकरण और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में 11 मकान-दुकान और होटल ध्वस्त किए गए। कार्रवाई यूडीए सीईओ संदीप सोनी, नगर निगम अपर आयुक्त संतोष टैगोर, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश पर और सुरक्षा की दृष्टि से एसपी प्रदीप शर्मा, एडीजी-आईजी उमेश जोगा तथा डीआईजी नवनीत भसीन की मॉनिटरिंग में की गई। मौके पर 5 जेसीबी और 4 पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया गया। बेगमबाग क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए यहां लंबे समय से अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग हो रही थी। यह इलाका महाकाल मंदिर जाने का मुख्य मार्ग है, जहां से आम लोगों के साथ-साथ वीआईपी और वीवीआईपी भी गुजरते हैं। सिंहस्थ 2028 से पहले गदा पुलिया ब्रिज चौड़ीकरण, सड़क चौड़ीकरण और मंदिर से जुड़े अन्य विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इसी कारण 500 मीटर के दायरे में अतिक्रमण और बिना अनुमति के निर्माण पर रोक है। प्रशासन के अनुसार, 1998 में विकास प्राधिकरण ने यहां की जमीन लीज पर दी थी, लेकिन अधिकांश लोगों ने लीज रिन्यू नहीं करवाई। कई दुकानों और प्रॉपर्टी को आवासीय उपयोग में बदल दिया गया और कुछ अवैध रूप से बेच भी दी गईं। सर्वे में सामने आया कि 28 लीज प्लॉट पर 60 से अधिक अवैध निर्माण किए गए। नोटिस देने के बावजूद जवाब न मिलने पर न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई शुरू हुई। पिछले तीन महीनों में यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा बंदोबस्त के बीच ध्वस्तीकरण जारी रखा




