
मुंबई। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के बाद बड़ा निर्णय लेते हुए MSRTC प्रशासन को निर्देश दिया है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बसों के उन विश्राम स्थलों या होटलों में ठहराव तुरंत रद्द किया जाए जो यात्रियों को स्वच्छ, सस्ती और सम्मानजनक सुविधाएं देने में विफल रहते हैं। यात्रियों ने हाल के दिनों में अस्वच्छ वॉशरूम, खराब और महंगे भोजन, तथा होटल कर्मचारियों के दुर्व्यवहार की शिकायतें की थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने MSRTC के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को आदेश दिया है कि अगले 15 दिनों में राज्य भर के सभी होटल स्टॉप्स का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए और जिनकी सुविधाएं तय मानकों से नीचे हैं, उनकी पहचान कर रिपोर्ट सौंपी जाए। सरनाईक ने स्पष्ट रूप से कहा कि “यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे कोई भी राजनीतिक दबाव क्यों न हो।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि MSRTC को इन स्टॉप्स को हटाने से कुछ राजस्व का नुकसान होता है, तो वह भी स्वीकार्य है, लेकिन यात्रियों को घटिया सेवाएं देना मंज़ूर नहीं। मंत्री ने अधिकारियों से सख्त नीति अपनाने, खराब होटलों को हटाने और आवश्यकतानुसार नए, साफ-सुथरे और यात्री-अनुकूल विकल्प जोड़ने को कहा है। यह फैसला राज्य में बस यात्राओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस और स्वागत योग्य कदम माना जा रहा है।




