परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने जताई नाराज़गी, बस स्टेशनों की सफाई पर भी दिए सख्त निर्देश

मुंबई। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की इलेक्ट्रिक बस परियोजना को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने सोमवार को ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को दिया गया टेंडर रद्द करने का आदेश दिया। यह आदेश एमएसआरटीसी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया। ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को किराये (वेट लीज) पर 5,150 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति का अनुबंध दिया गया था। अनुबंध के अनुसार कंपनी को 22 मई 2025 की बढ़ाई गई समय-सीमा तक कम से कम 1,000 बसें उपलब्ध करानी थीं, लेकिन कंपनी अब तक केवल 220 बसें ही परिचालन में ला पाई है। इस गंभीर विफलता को देखते हुए मंत्री सरनाईक ने कहा, अगर कंपनी समय पर डिलिवरी नहीं कर सकती है, तो अनुबंध को बिना किसी देरी के रद्द किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड की सहयोगी कंपनी ईवी ट्रांस प्राइवेट लिमिटेड इस लीज के तहत बसों के संचालन और मेंटेनेंस की जिम्मेदार है।
शिवशाही बसों का होगा उन्नयन
बैठक के दौरान एक अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णय में मंत्री सरनाईक ने मौजूदा शिवशाही बसों को धीरे-धीरे ‘हिरकनी’ (अर्ध-विलासिता) बसों में बदलने का निर्देश दिया। इन बसों में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, लेकिन उनकी मूल पहचान बनी रहे इसके लिए हरित और श्वेत रंग की मौजूदा स्कीम बरकरार रखी जाएगी।
बस स्टेशनों की सफाई व्यवस्था पर भी सख्ती
परिवहन आयुक्त कार्यालय में हुई एक अलग समीक्षा बैठक में मंत्री सरनाईक ने बस स्टेशनों की गंदगी और सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और यात्रियों की ओर से लगातार शिकायतें आ रही हैं, और ऐसी स्थिति अस्वीकार्य है। उन्होंने चेतावनी दी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी सफाई व्यवस्था में चूक के लिए जिम्मेदार होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया ने महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम लिया है। जहां एक ओर इलेक्ट्रिक बसों की डिलिवरी में देरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वहीं यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता जैसे बुनियादी पहलुओं पर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है।




