
मुंबई। भारत का संविधान और उसके लोकतांत्रिक मूल्य ही देश की तेज़ प्रगति का मूल आधार हैं। भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है और आने वाले समय में महाराष्ट्र इस आर्थिक शक्ति की रीढ़ के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा। यह विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुंबई के दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान में आयोजित मुख्य सरकारी समारोह में व्यक्त किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में महाराष्ट्र ने लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए हैं, जो राज्य और देश की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “महाराष्ट्र कभी रुकेगा नहीं। महाराष्ट्र गतिशील रहेगा और संविधान की शक्ति पर निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता रहेगा। गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, मुंबई पुलिस आयुक्त देवन भारती, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, विभिन्न देशों के वाणिज्य दूतावासों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। समारोह का आयोजन राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (राजशिष्टाचार) द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संविधान निर्माण में उनके तथा संविधान सभा के सदस्यों के अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल मूल्य भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित हैं और उनका सशक्त प्रतिबिंब भारतीय संविधान में दिखाई देता है। भगवान गौतम बुद्ध द्वारा प्रतिपादित बंधुत्व की भावना संविधान के केंद्र में है और यही हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति और सशक्त अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह उपलब्धि संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थागत मजबूती के कारण ही संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र संतों और वीरों की भूमि है और छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा दिए गए स्वाभिमान, सुशासन और लोककल्याण के मूल्यों पर राज्य की विकास यात्रा आधारित है। विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र, कोकण और मुंबई—राज्य के सभी क्षेत्रों में निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन हो रहा है। किसानों के हितों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय किसानों को हरसंभव सहायता दी गई है। आने वाले चरण में सूखामुक्त महाराष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने के लिए नदी जोड़ परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के कोने-कोने तक पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में महाराष्ट्र नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, समृद्धि महामार्ग और शक्तिपीठ महामार्ग जैसे प्रकल्प राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 30 लाख घरों का निर्माण एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड होगा। अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। सौर कृषि फीडर और सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपों के क्षेत्र में महाराष्ट्र ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। “लाडकी बहन” योजना, किसानों के लिए मुफ्त बिजली योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में भारतीय नौसेना, गोवा पुलिस, राज्य रिज़र्व पुलिस बल, बृहन्मुंबई सशस्त्र पुलिस दल, दंगा नियंत्रण दल, महिला सशस्त्र पुलिस, रेलवे पुलिस, गडचिरोली-गोंदिया का सी-60 दस्ता, होमगार्ड, यातायात पुलिस, राज्य उत्पाद शुल्क विभाग, वन विभाग, मुंबई अग्निशमन दल, महानगरपालिका सुरक्षा दल, एनएसएस, एनसीसी, भारत स्काउट-गाइड, स्टूडेंट पुलिस कैडेट सहित अनेक विभागों और संस्थाओं की टुकड़ियों ने भाग लिया। नौसेना, मुंबई पुलिस, निर्भया महिला दल और अग्निशमन विभाग के वाहनों ने भी परेड में आकर्षक प्रदर्शन किया। परेड कमांडर की भूमिका नौसेना के कमांडर पंकज बघेल ने निभाई। इसके साथ ही ग्राम विकास, मराठी भाषा, सहकार, जल आपूर्ति, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, पर्यटन, कृषि, परिवहन, आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक, उच्च व तकनीकी शिक्षा, श्रम, आवास, वन और ऊर्जा विभाग सहित विभिन्न विभागों की झांकियों ने राज्य की विकास यात्रा, लोककल्याण योजनाओं और भविष्य की दिशा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन मृण्मयी भजक और पल्लवी मुजुमदार ने किया, जबकि किरण शिंदे, अरुण शिंदे, विवेक शिंदे और कु. आराध्या शिंदे ने पारंपरिक सनई-चौघड़ा वादन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।




