
मुंबई। स्टार्टअप और उद्योगों को आर्थिक सहायता देने के लिए फिनटेक नीति तैयार करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया एकहै। मुंबई अब देश का सबसे अधिक निधि प्राप्त करने वाला स्टार्टअप हब बन गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि भारत के कुल स्टार्टअप्स में से 24 प्रतिशत महाराष्ट्र में हैं, जिससे यह राज्य नवाचार और तकनीकी प्रगति का केंद्र बन चुका है। गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित ‘स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025’ में उपमुख्यमंत्री शिंदे ने यह जानकारी दी। यह सम्मेलन CSIR और देश के तीन प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। शिंदे ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के अनुसार महाराष्ट्र में 26,686 स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स की बड़ी उपलब्धता के कारण मुंबई स्टार्टअप्स के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार की विभिन्न पहलें जैसे ‘महाराष्ट्र स्टार्टअप वीक’, ‘मुंबई फिनटेक हब’ और ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर महिला स्टार्टअप योजना’ ने इस क्षेत्र को मजबूती दी है। राज्य में फिनटेक, ई-कॉमर्स, हेल्थटेक, एडटेक और डीप टेक स्टार्टअप्स तेजी से उभर रहे हैं। महाराष्ट्र में देश की सर्वाधिक 27 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इस साल मुंबई स्थित स्टार्टअप्स ने 3.7 बिलियन डॉलर की निधि जुटाई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 154% अधिक है। पुणे आईटी, ऑटोमोबाइल और बायोटेक क्षेत्रों में अग्रणी बन चुका है, वहीं नवी मुंबई में 300 एकड़ में ‘इनोवेशन सिटी’ का निर्माण हो रहा है, जो भविष्य के तकनीकी स्टार्टअप्स का गढ़ बनेगा। देश में फिलहाल डेढ़ लाख से अधिक स्टार्टअप्स हैं और भारत को वैश्विक स्टार्टअप महाशक्ति बनाने की दिशा में महाराष्ट्र की यह पहल निर्णायक मानी जा रही है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अपने भाषण की शुरुआत में वरिष्ठ खगोलशास्त्री डॉ. जयंत नारळीकर को श्रद्धांजलि दी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विज्ञान, तकनीक और नवाचार पहुंचाने का आह्वान किया।




