
मुंबई। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने “महाराष्ट्र पर्यटन सुरक्षा बल (पर्यटन मित्र)” स्थापित करने का निर्णय लिया है। पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं और राज्य की प्राकृतिक व सांस्कृतिक विविधता को देखते हुए पर्यटकों को सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करने हेतु यह निर्णय लिया गया है, ऐसी जानकारी पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने दी। उन्होंने बताया कि इस पर्यटन सुरक्षा बल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को राज्य के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासतों के बारे में जानकारी प्रदान करना होगा। यह बल 2 से 4 मई 2025 के दौरान सातारा जिले के महाबलेश्वर महोत्सव में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। राज्य में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने तथा संस्कृति, इतिहास, पर्यटन स्थल, कानून और नियमों की जानकारी देने के लिए पर्यटन स्थलों पर संविदा आधार पर “पर्यटन पुलिस” की नियुक्ति की जाएगी। पर्यटन विभाग ने राज्य सुरक्षा मंडल और मेस्को को शीघ्र ही उपलब्ध कर्मियों की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ‘पर्यटन पुलिस’ की यह संकल्पना पर्यटन स्थलों पर सतत पर्यटन को बढ़ावा देगी और संरक्षण में सहायक होगी। पर्यटन मंत्री देसाई ने कहा कि इस नए पर्यटन सुरक्षा बल की स्थापना से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी। बल पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बल के कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे पर्यटकों का मार्गदर्शन और सुरक्षा कर सकें। पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी, हेल्पलाइन और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रधान सचिव अतुल पाटणे ने कहा कि पर्यटन विभाग का यह कदम पर्यटकों के लिए सुरक्षा कवच तैयार करने की दिशा में अत्यंत सराहनीय है। इससे पर्यटन स्थलों पर विश्वास का माहौल बनेगा, पर्यटन प्रवाह बढ़ेगा और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिलेगा। बल में प्रशिक्षित कर्मी, आधुनिक तकनीक और समन्वित प्रणाली होगी, जो आपातकालीन स्थितियों में तत्काल कार्रवाई करेगी। पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन, सूचना केंद्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय कर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ की जाएगी। पर्यटन विभाग पर्यटकों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनकी अपेक्षाओं के अनुसार सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल से महाराष्ट्र वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा। ‘महाराष्ट्र पर्यटन सुरक्षा बल’ 2 से 4 मई 2025 के दौरान महाबलेश्वर महोत्सव में पायलट आधार पर कार्य करेगा। सातारा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा मंडल से 25 जवानों की नियुक्ति की जाएगी। इन जवानों को पर्यटकों की सुरक्षा और महोत्सव प्रबंधन हेतु आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बल 25 अप्रैल से 31 अगस्त 2025 तक कार्यरत रहेगा। बल के लिए वाहन व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जवानों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इस उपक्रम के खर्च का वहन महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (MTDC) द्वारा महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा मंडल और सातारा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समन्वय से किया जाएगा। महाबलेश्वर महोत्सव में पायलट परियोजना की सफलता के बाद संपूर्ण महाराष्ट्र में “महाराष्ट्र पर्यटन सुरक्षा बल” की स्थापना की जाएगी। इस उपक्रम का लक्ष्य ₹1 लाख करोड़ निजी निवेश आकर्षित करना और 18 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करना है।




