
बीड। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने बुधवार को बीड जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी छवि साफ रखने और असामाजिक तत्वों से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। वह जिले में एनसीपी के युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। अजित पवार की यह टिप्पणी उस समय आई है जब पिछले साल बीड में मस्साजोग के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की जबरन वसूली से जुड़े मामले सुर्खियों में रहे। इसके चलते पिछले महीने धनंजय मुंडे को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
गुंडा राज खत्म करने की चेतावनी
पवार ने कहा, “अपनी छवि साफ रखें और असामाजिक तत्वों से दूर रहें।” उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जिले में फ्लाई-ऐश कारोबार पर हावी गिरोहों के साथ-साथ रेत और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीड की मानसिकता बदलने की जरूरत
अजित पवार ने कहा कि बीड जिले के लोगों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों ने विकास किया है, यहां तो कचरा प्रबंधन भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। पवार ने कहा कि 1 मई को महाराष्ट्र के गठन के 62 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन मराठवाड़ा के आठ जिलों (जिसमें बीड भी शामिल है) का अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जातिगत विभाजन और जिले की नकारात्मक छवि को सुधारने पर जोर दिया।
कार्यकर्ताओं को 80 प्रतिशत सामाजिक और 20 प्रतिशत राजनीतिक कार्य करने की सलाह
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि कार्यकर्ताओं को समाजसेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें 80 प्रतिशत सामाजिक कार्य और 20 प्रतिशत राजनीति पर ध्यान देना चाहिए, उन्होंने कहा। गौरतलब है कि परली से विधायक धनंजय मुंडे अजित पवार के इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर सफाई दी कि वह मुंबई में इलाज के लिए गए हैं। अजित पवार ने अपने संबोधन के बाद जिला योजना समिति की बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां जिले के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।




