
मुंबई। महात्मा फुले नवनीकरणीय ऊर्जा एवं अधोसंरचना प्रौद्योगिकी लिमिटेड (महाप्रीत) और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, नई दिल्ली ने मुंबई में अधोसंरचना विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सहमति ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। एनबीसीसी, भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत एक नवरत्न कंपनी है, जो बड़े आवासीय और अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में विशेषज्ञता रखती है। महाप्रीत वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और सस्ती आवास योजनाओं के तहत ठाणे क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, भिवंडी महानगरपालिका और चंद्रपुर महानगरपालिका की परियोजनाओं को लागू कर रही है। मुंबई में महाप्रीत 56 स्लम पुनर्वास परियोजनाओं (एसआरए) को कार्यान्वित करेगी, जबकि कई निजी सहकारी गृहसंकुल भी पुनर्विकास के लिए महाप्रीत के साथ चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते के तहत महाप्रीत और एनबीसीसी मिलकर मुंबई की आवास पुनर्विकास आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। महाप्रीत ईएसजी अनुपालन, हरित ऊर्जा मानकों, कचरा पुनर्चक्रण, डीकार्बोनाइज्ड निर्माण सामग्री और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित परियोजना निगरानी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दोनों संस्थान पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी) और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) आधार पर परियोजनाओं को लागू करेंगे। महाप्रीत के प्रबंध निदेशक बिपिन श्रीमाली ने कहा कि एनबीसीसी के साथ इस सहयोग से पुनर्विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी, जिससे गृहसंकुलों को पुनर्विकास का अवसर मिलेगा और केंद्र सरकार की एजेंसियों को विकासकर्ताओं के चयन के अधिक विकल्प मिलेंगे। एनबीसीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के.पी.महादेवस्वामी ने कहा कि दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से मुंबई और अन्य राज्यों में पुनर्विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक लागू की जाएंगी। इस अवसर पर महाप्रीत और एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।




