
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति की मंडलीय बैठक झांसी कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति गोविंद नारायण शुक्ल ने की। बैठक में विधान परिषद सदस्य रामतीर्थ सिंघल, रमा निरंजन और डॉ. बाबूलाल तिवारी सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों के निस्तारण, प्रोटोकॉल के पालन तथा विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें झांसी, ललितपुर और जालौन के जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अवैध होर्डिंग और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश
बैठक के दौरान नगर क्षेत्रों में लगाई जा रही अवैध होर्डिंग से होने वाली राजस्व क्षति का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर सभापति गोविंद नारायण शुक्ल ने नगर निगम से इस संबंध में विस्तृत जानकारी समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने और मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
विकास योजनाओं और कानून व्यवस्था की समीक्षा
समिति ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर की गई कार्रवाई, कानून व्यवस्था की स्थिति, विभिन्न विभागों को मिली विकास धनराशि के उपयोग, विद्युतीकरण कार्यों तथा किसानों के नलकूप कनेक्शन से संबंधित आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की। इसके अलावा सड़कों को गड्ढामुक्त करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत लाइसेंस वितरण, सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने और तहसील स्तर पर लंबित दाखिल-खारिज मामलों पर भी चर्चा की गई। बैठक में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया, ताकि आम लोगों को साइबर ठगी से बचाव के बारे में जानकारी दी जा सके।
गर्मी को देखते हुए विशेष निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए फायर ब्रिगेड को सतर्क रहने और विद्युत आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी झांसी मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी ललितपुर सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभापति ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करते हुए बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास में सहयोग दें।




