
कलेक्ट्रेट परिसर से बस को हरी झंडी दिखाकर 50 स्वयंसेवकों को किया गया रवाना
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। प्रदेश के राहत आयुक्त के निर्देशों के क्रम में जिले में चयनित 50 आपदा मित्रों (स्वयंसेवक/वॉलंटियर्स) को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए लखनऊ रवाना किया गया। जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी ने कलेक्ट्रेट परिसर से बस को हरी झंडी दिखाकर सभी आपदा मित्रों को राज्य आपदा मोचक बल, उत्तर प्रदेश के मुख्यालय के लिए रवाना किया।
आपदा मित्रों की भूमिका पर जिलाधिकारी का संदेश
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी ने कहा कि जब भी कहीं आपदा आती है और एनडीआरएफ या वॉलंटियर्स वर्दी में मौके पर पहुंचते हैं, तो संकट में फंसे लोगों को यह विश्वास हो जाता है कि अब उन्हें बचा लिया जाएगा। यह भरोसा त्याग, कठोर परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रशिक्षण से ही पैदा होता है। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आपदा मित्रों के माध्यम से जिले में आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा मित्र योजना के तहत महिलाओं को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आपदा के समय महिलाओं को बेहतर राहत और बचाव सहायता मिल सके। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री वरुण कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि जिले में एनसीसी, एनएसएस और विभिन्न एनजीओ से जुड़े स्वयंसेवी सदस्यों में से 50 युवक-युवतियों का चयन आपदा मित्रों के रूप में किया गया है। प्रशिक्षण के बाद इन स्वयंसेवकों को होमगार्ड भर्ती में तीन अंकों का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचक बल, उत्तर प्रदेश में इन आपदा मित्रों को 12 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक उपकरण और किट भी आपदा मित्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी न्याय श्री अरुण कुमार गौड़, नगर मजिस्ट्रेट श्री प्रमोद झा, सहायक निदेशक सूचना श्री सुरजीत सिंह सहित आपदा मित्र, अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।




