Tuesday, February 17, 2026
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मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 का शुभारंभ, जलवायु संवाद को ज़मीनी कार्रवाई में बदलने पर जोर

30 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल, मुंबई को ग्लोबल क्लाइमेट लीडरशिप हब बनाने की पहल

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बांद्रा स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में मुंबई क्लाइमेट वीक के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय इस वैश्विक जलवायु सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन पर होने वाली चर्चाओं को ठोस और लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलना है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, महाराष्ट्र की पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे, मुंबई की नवनिर्वाचित मेयर रितु तावड़े, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के कमिश्नर संजय मुखर्जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। 17 से 19 फरवरी तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक (MCW) का मुख्य लक्ष्य मुंबई को ग्लोबल साउथ के लिए एक प्रमुख क्लाइमेट लीडरशिप हब के रूप में स्थापित करना है। इस पहल के तहत वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, क्लाइमेट इनोवेटर्स, परोपकारी संस्थाएं, युवा समूह और सामुदायिक प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर जलवायु चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशेंगे। तीन दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर के अलावा शहरभर में कैंपस आधारित, सामुदायिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक और स्केलेबल क्लाइमेट समाधान प्रस्तुत करना है, जो मुंबई ही नहीं बल्कि भारत और ग्लोबल साउथ के तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में भी लागू किए जा सकें। मुंबई क्लाइमेट वीक का आयोजन अवॉर्ड-विनिंग एनजीओ प्रोजेक्ट मुंबई के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र सरकार, राज्य के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, एमएमआरडीए और बृहन्मुंबई महानगरपालिका का सहयोग प्राप्त है। आयोजकों ने इसे मुंबई को क्लाइमेट सॉल्यूशंस के “लिविंग टेस्ट बेड” के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस समिट में 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों, मल्टीलेटरल एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग संगठनों, अकादमिक जगत, सिविल सोसायटी और युवा नेटवर्क्स की भागीदारी भी शामिल होगी। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन की सफलता केवल उपस्थिति से नहीं, बल्कि इससे बनने वाली साझेदारियों, वित्त पोषित समाधानों, नीति स्तर पर प्रभाव और मजबूत सामुदायिक भागीदारी से मापी जाएगी।सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई प्रमुख वक्ताओं की भागीदारी तय हुई है, जिनमें हिलेरी क्लिंटन, बिल गेट्स, राजीव शाह, इमाद फाखौरी, अमांडा लेलैंड और क्लेरिसा डी फ्रैंको शामिल हैं। भारत की ओर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी शामिल होने की संभावना है। 18 फरवरी को आयोजित विशेष स्पेस-थीम सत्र में भारतीय अंतरिक्ष आइकन राकेश शर्मा और शुभांशु शुक्ला छात्रों और वैश्विक नेताओं के साथ संवाद करेंगे। इस सत्र का उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान और जलवायु जिम्मेदारी के बीच संबंध को समझाना होगा। मुंबई क्लाइमेट वीक को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक सहयोग और व्यावहारिक समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में शहरी जलवायु नीति को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।

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