
हरे चारे, सीसीटीवी, कैटल फीड और ठंड से बचाव की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। जनपद में संचालित बृहद गौ संरक्षण केन्द्रों एवं गौशालाओं का शीघ्र ही औचक निरीक्षण किया जाएगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्री जुनैद अहमद ने विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण मा. मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए गौशालाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त बृहद गौ संरक्षण केन्द्रों में गोवंश के लिए हरे चारे की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान यदि हरा चारा मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि तहसील मऊरानीपुर में महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा कैटल फीड का उत्पादन किया जा रहा है तथा सभी गौशालाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे समूह से कैटल फीड क्रय कर गोवंश को उपलब्ध कराएं। बैठक में बताया गया कि जनपद के 269 गौ आश्रय स्थलों में 269 सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित हैं, जिनमें से 197 कैमरे कंट्रोल रूम से लिंक हैं तथा केवल 157 कैमरे ही वर्तमान में लाइव हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने सभी सीसीटीवी कैमरों को दस दिन के भीतर शत-प्रतिशत लाइव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल अधिकारी नामित कर तकनीकी टीम के माध्यम से कार्य पूर्ण कराने के आदेश दिए, ताकि विकास भवन स्थित कमांड सेंटर से सभी गौशालाओं एवं गौ आश्रय स्थलों की प्रभावी निगरानी की जा सके।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गौशाला में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। त्रिपाल लगाकर ठंडी हवाओं से बचाव, भूसा, स्वच्छ पानी एवं नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्वस्थ एवं बीमार गोवंश का प्राथमिकता के आधार पर उपचार कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य मार्गों एवं हाईवे पर गोवंश सड़क पर न आए, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं तथा आवश्यकता अनुसार नई गोशालाओं का निर्माण भी कराया जाएगा। गो आश्रय स्थलों से संबंधित सभी अभिलेख पूर्ण किए जाएं और निरीक्षण के दौरान यदि अभिलेखों में कोई गड़बड़ी पाई गई तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र की गौशालाओं का नियमित भ्रमण करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट कर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए राजेश कुमार, डीसी मनरेगा शिखर श्रीवास्तव सहित समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




