
मुंबई। शिवसेना प्रवक्ता सुसी शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की उम्मीदवार और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर के नामांकन फॉर्म को चुनौती देते हुए सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पेडनेकर ने अपने चुनावी हलफनामे में जानबूझकर अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। सुसी शाह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कल्पेश जोशी ने मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की। हालांकि, खंडपीठ ने यह कहते हुए तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया कि 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों में अब बहुत कम समय शेष है। किशोरी पेडनेकर ने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में वार्ड क्रमांक 199 (मध्य मुंबई) से पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। याचिकाकर्ता सुसी शाह ने अदालत से आग्रह किया है कि वह चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर को निर्देश दे कि पेडनेकर के नामांकन फॉर्म को अवैध, अमान्य और अनुचित घोषित कर खारिज किया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि किशोरी पेडनेकर ने अपने हलफनामे में कई गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। दावा किया गया है कि उनके खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकी (एफआईआर) लंबित हैं, जिनमें कोविड-19 महामारी के दौरान कथित धोखाधड़ी से जुड़ा एक मामला भी शामिल है। याचिका के अनुसार, पेडनेकर ने मुंबई की महापौर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शहर के विभिन्न पुलिस थानों में अपने खिलाफ दर्ज कम से कम पांच एफआईआर की जानकारी चुनावी दस्तावेजों में उजागर नहीं की। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह जानबूझकर तथ्यों को छिपाने का मामला है, जो चुनावी कानूनों का उल्लंघन है। फिलहाल, हाई कोर्ट द्वारा त्वरित सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद इस याचिका पर क्या रुख अपनाया जाता है।



