
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में मुंबई शहर और उपनगरों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 40 से 45 हजार शासकीय आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप परियोजना” को मंजूरी दी गई। यह परियोजना लोक निर्माण विभाग की राज्य पायाभूत सुविधा महामंडल (एमएसआईडीसी) के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके अंतर्गत लगभग 5 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास किया जाएगा और इस पर अनुमानित 20 हजार करोड़ रुपये का व्यय होगा। कुल लागत में से 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 70 प्रतिशत निधि एमएसआईडीसी द्वारा राज्य सरकार की गारंटी पर विभिन्न वित्तीय संस्थानों से ऋण के रूप में जुटाई जाएगी। परियोजना की तकनीकी एवं वित्तीय व्यवहार्यता रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और कार्य प्रारंभ करने के लिए 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि को भी स्वीकृति दी गई है। मुंबई पुलिस बल की स्वीकृत संख्या 51,308 है, जबकि वर्तमान में उपलब्ध 22,904 सेवा आवासों में से 3,777 आवास जर्जर स्थिति में हैं। हर माह 400 से 500 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी आवास के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन आवास की कमी के कारण उन्हें दूर-दराज से यात्रा कर ड्यूटी करनी पड़ती है। पुलिस कर्मियों की कार्यप्रकृति को देखते हुए कार्यालय के समीप सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसी बैठक में यवतमाल जिले की बेंबला नदी परियोजना के शेष कार्यों के लिए 4,775 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया गया। यह परियोजना बाभुलगांव तालुका के खडक्सावंगा गांव के पास बेंबला नदी पर स्थित है और विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडल के अंतर्गत आती है। यह गोदावरी बेसिन के वर्धा उप-बेसिन क्षेत्र में शामिल है तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का हिस्सा है, जिसकी केंद्र स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। परियोजना के पूर्ण होने से यवतमाल जिले के नेर, बाभुलगांव, कलंब, रालेगांव और मारेगांव तालुकाओं की 58,768 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अमरावती जिले के धामक गांव के पुनर्वसन का लंबित प्रश्न भी सुलझेगा, जिसके लिए 89 करोड़ 32 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परियोजना से सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और मत्स्य व्यवसाय के लिए जल उपलब्ध होगा तथा नहर वितरण प्रणाली, उपसा सिंचाई और बंद पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से क्षेत्र में व्यापक सिंचाई क्षमता का सृजन किया जाएगा।




