
मुंबई। 2021 की नए साल की रात हुए बहुचर्चित जान्हवी कुकरेजा हत्याकांड में नया मोड़ आया है। 19 वर्षीय जान्हवी कुकरेजा की माँ निधि प्रकाश कुकरेजा ने वकील त्रिवनकुमार करनानी के माध्यम से बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर कर आरोपी दिया समीर पदलकर को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। अपील में कहा गया है कि पदलकर को “बिना किसी ठोस आधार और तर्कहीन अनुमानों के आधार पर” बरी किया गया, जो मुकदमे के दौरान पेश किए गए सबूतों के विपरीत है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस बरी किए जाने के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की थी। यह हत्या 31 दिसंबर 2020 और 1 जनवरी 2021 की दरमियानी रात खार स्थित भगवती हाइट्स में हुई थी। मामले में सह-आरोपी अंबदास जोगधंकर को सेशंस कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि पदलकर को ‘संदेह का लाभ’ देते हुए बरी कर दिया गया। निचली अदालत ने अपने फैसले में माना कि घटनास्थल पर पदलकर की मौजूदगी साबित हुई है, लेकिन उसके खिलाफ प्रत्यक्ष चोटों के अभाव में उसकी संलिप्तता संदिग्ध मानी गई। हालांकि, अपील में इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि अदालत ने महत्वपूर्ण परिस्थितिजन्य और फॉरेंसिक सबूतों को नजरअंदाज कर दिया। याचिका में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और घटनास्थल से पदलकर का सामान मिलने का हवाला दिया गया है। साथ ही फॉरेंसिक रिपोर्ट में उस तकिए और चादर पर मृतका के खून के निशान मिलने की पुष्टि का भी उल्लेख किया गया है, जिस पर पदलकर लेटी हुई थी। अपील में यह भी कहा गया है कि आरोपी के अपराध से पहले और बाद के व्यवहार, झूठे बयान और अस्पताल से संदिग्ध परिस्थितियों में छुट्टी लेने जैसे तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। सरकारी पक्ष के अनुसार, घटना से पहले कुकरेजा और जोगधंकर के बीच संबंध थे, और पदलकर के साथ उसकी नजदीकी को लेकर विवाद था। आरोप है कि रात करीब 1:45 बजे दोनों आरोपियों ने कुकरेजा का पीछा किया और उस पर हमला किया। उसे बालों से घसीटते हुए पांचवीं मंजिल से दूसरी मंजिल तक लाया गया, जिससे उसके शरीर पर 40 से अधिक गंभीर चोटें आईं। 26 मार्च को दायर इस अपील पर अब उचित समय पर सुनवाई होने की संभावना है, जिससे इस चर्चित मामले में न्याय की दिशा तय होगी।




