Sunday, February 22, 2026
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राजस्थान में निवेश को बड़ी रफ्तार, 49,883 करोड़ के प्रस्तावों को स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की मंज़ूरी


ऊर्जा, सीमेंट, खनन सहित कई क्षेत्रों में 13 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना

जयपुर, राजस्थान। राजस्थान में निवेश को लेकर राज्य सरकार की नीतियों का असर साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में राज्य की निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए लगभग 49,883.85 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की अनुशंसा की गई। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से राज्य में 13 हजार से अधिक लोगों के लिए नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। बैठक में ऊर्जा, सीमेंट, खनन, टेक्सटाइल, पेट्रोकेमिकल, स्टील, स्वास्थ्य, हॉस्पिटैलिटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन सभी प्रस्तावों को अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले निवेश बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही निवेश-अनुकूल नीतियों और योजनाओं के चलते राजस्थान में निवेश का सकारात्मक माहौल बना है। व्यापार और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी सरल किया गया है, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते देश-विदेश के निवेशक राजस्थान में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 20 से अधिक प्रगतिशील नीतियां लागू की हैं। सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन एमओयू सुविधा, राजनिवेश पोर्टल के जरिए 19 विभागों की 170 से अधिक सेवाओं के समयबद्ध अप्रूवल, जीआईएस आधारित औद्योगिक भूमि डेटाबेस और ई-ऑक्शन पोर्टल जैसी पहलों से रेगुलेटरी एफिशिएंसी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत सरकार के ‘कंप्लायंस बर्डन कम करने’ अभियान के तहत भी राजस्थान बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हुआ है। राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (आरआईपीएस) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 1500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव दिए जा चुके हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। इन सुधारों की बदौलत 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू को जमीन पर उतारने में मदद मिली है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि जिंदल रिन्यूएबल पावर, स्टार सीमेंट, डालमिया भारत ग्रीन विजन, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, हिंदुस्तान जिंक, चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स, संगम इंडिया लिमिटेड, फॉर्च्यून फाउंडेशन, गोयल फैशंस और होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड सहित कई प्रमुख कंपनियों ने कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए आवेदन किया है। इन प्रस्तावों को स्टेट एम्पावर्ड कमेटी ने अनुमोदन के लिए आगे बढ़ाया है। बैठक में जल संसाधन, वन एवं पर्यावरण, सार्वजनिक निर्माण, ऊर्जा, वित्त, खान एवं पेट्रोलियम, नगरीय विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो के अधिकारी उपस्थित रहे।

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