
मुंबई। समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए बिना किसी भी राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। सर्वधर्मीय संवाद के माध्यम से समाजों के बीच मौजूद पूर्वाग्रहों को मिटाया जा सकता है और एकजुटता को बढ़ावा दिया जा सकता है। यही विचार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी.राधाकृष्णन ने महावीर जयंती के अवसर पर व्यक्त किए। पु.ल.देशपांडे अकादमी में लोकमत मीडिया ग्रुप और अहिंसा विश्व भारती द्वारा आयोजित परिसंवाद का विषय था “सर्वधर्मीय संवाद के माध्यम से वैश्विक शांति और सौहार्द”। राज्यपाल राधाकृष्णन ने कहा कि सभी धर्म समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और हमें सभी की पूजा पद्धतियों का सम्मान करना चाहिए। महाराष्ट्र संतों की भूमि है, जहाँ संतों ने वेदों का ज्ञान आम जनता तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि भारत ने सदियों से सभी धर्मों का खुले दिल से स्वागत किया है फिर चाहे वह पारसी हों, यहूदी हों, या मुस्लिम। आने वाली पीढ़ियों को बहुधर्मी समाज में जीना है, इसलिए स्कूली स्तर पर सभी धर्मों के त्योहार मनाने और धार्मिक स्थलों की यात्राओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
“विविधता को स्वीकारें, परंतु उसके पीछे की एकता तलाशें”: आरिफ मोहम्मद खान
इस मौके पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जैसे प्रकृति में विविधता स्वाभाविक है, वैसे ही विचारों की विविधता भी मानव समाज की एक विशेषता है। लेकिन हमें इन विविधताओं में भी छिपी हुई एकता को पहचानने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में कोई भी धर्म या विचारधारा किसी एक व्यक्ति की बपौती नहीं है। हमारे प्राचीन ग्रंथ अपौरुषेय माने गए हैं – अर्थात् ईश्वर प्रदत्त। सभी धर्मों में समानता देखने की दृष्टि रखनी चाहिए और “केवल मेरा धर्म ही श्रेष्ठ है” – इस प्रकार की सोच को त्यागना ही सच्चे धर्म का पालन है।
सम्मानित हस्तियाँ और पुरस्कार
इस कार्यक्रम में दोनों राज्यपालों के हाथों ‘लोकमत पीस एंड हार्मनी अवॉर्ड’ प्रदान किए गए। सम्मानित होने वालों में सेलो ग्रुप के निदेशक प्रदीप राठोड़, जिटो के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी, भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिमनलाल डांगी, उज्ज्वल पगारिया, विशाल चोरडिया, नितिन खारा, प्रकाश धारिवाल और राजेश जैन शामिल रहे।लोकमत समूह के अध्यक्ष विजय दर्डा ने उद्घाटन भाषण दिया। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक डॉ. आचार्य लोकेश, अखिल भारतीय भिक्षु संघ के अध्यक्ष डॉ. भदंत राहुल बोधि महाथेरो, और पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. पी.एस.पसरीचा भी इस विशेष आयोजन में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सर्वधर्मीय संवाद के माध्यम से न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी शांति और सौहार्द का वातावरण निर्मित किया जा सकता है।




