
मुंबई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में प्रस्तावित ‘इनोवेशन सिटी’ प्रोजेक्ट अब घोषणा के बाद क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रमुख स्टेकहोल्डर्स की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें लागू करने की रणनीति को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। यह बैठक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) को एक ठोस और व्यवस्थित कार्ययोजना में बदलना था।
बैठक में कौस्तुभ धवसे, सुचरिता चौधरी और रितेश मांडोत सहित एमएमआरडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस परियोजना को टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड और राज्य के उद्योग विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
रणनीतिक दिशा और रोडमैप पर फोकस
बैठक के दौरान ‘इनोवेशन सिटी’ के लिए समग्र दृष्टिकोण और रणनीतिक दिशा को अंतिम रूप देने, संभावित साझेदारियों की पहचान करने और परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने एक विस्तृत रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया, ताकि प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।
वैश्विक इनोवेशन हब बनने की तैयारी
‘इनोवेशन सिटी’ की परिकल्पना एक विश्व-स्तरीय इकोसिस्टम के रूप में की गई है, जो प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देगा। इसका उद्देश्य न केवल आर्थिक विकास को गति देना है, बल्कि महाराष्ट्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और अधिक सशक्त बनाना भी है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल एमएमआर को इनोवेशन-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्टेकहोल्डर्स के बीच प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद अब यह प्रोजेक्ट “MoU से गति” के चरण में पहुँच गया है, और आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम शुरू किया जाएगा।




