
मुंबई। महाराष्ट्र की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को पर्यावरण और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री पंकजा मुंडे ने सदस्य सना मलिक द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में बताया कि आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) संयंत्रों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत धूल प्रदूषण को रोकने के लिए संयंत्रों को घेर कर रखना, पांच मीटर चौड़ी हरित पट्टी विकसित करना, सड़कों को कंक्रीट या डामर से बनाना और धूल नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) द्वारा औद्योगिक इकाइयों का नियमित निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण में पाई गई त्रुटियों के संबंध में उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मुंबई के देवनार, गोवंडी, वाशी नाका, तुर्भे और एम/पूर्व क्षेत्रों में स्थित नौ क्षेत्रीय अस्पतालों में से छह वाणिज्यिक प्रकृति के और तीन आवासीय प्रकृति के हैं। आरएमसी संयंत्रों को प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली स्थापित करने के लिए सशर्त सहमति दी गई है। मंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर निरीक्षण किया गया, जिसमें पाई गई अनियमितताओं पर कार्रवाई की जा रही है। अणुशक्ति नगर निर्वाचन क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर उठाए गए मुद्दों पर मंत्री पंकजा मुंडे ने आश्वासन दिया कि जांच और निरीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




