
अशोक श्रीवास्तव
मुंबई। भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य की प्रतीक ऑपरेशन सिंदूर के सम्मान में देश भर के रेलवे स्टेशन तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठे। भारतीय रेल की इस राष्ट्रव्यापी पहल के माध्यम से कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से असम तक राष्ट्रभक्ति का उत्सव मनाया गया, जिसमें हर स्टेशन पर देशभक्ति की भावना सजीव हो उठी। रेलवे परिसरों को तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया, वहीं स्टेशनों पर बजते देशभक्ति गीतों और स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रेरणादायक दृश्यों ने यात्रियों को सेना के प्रति सम्मान और गर्व से भर दिया। यह आयोजन भारतीय रेल द्वारा वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक अनूठा और ऐतिहासिक प्रयास था।
तिरंगा यात्रा और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन-जागरूकता
ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए रेलवे ने कई क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया, जिसमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों और शहरों के प्रमुख स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों और सैनिकों के बलिदान को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
सेना के शौर्य को जनमानस से जोड़ने की अनूठी पहल
भारतीय रेल की यह पहल न केवल सेना के जांबाज जवानों को सम्मान देने वाली रही, बल्कि इसने आम जनता को भी वीरता की उस गौरवगाथा से जोड़ा, जो भविष्य की पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और बलिदान के लिए प्रेरित करती रहेगी। यह आयोजन दर्शाता है कि सेना और नागरिक समाज के बीच एकजुटता और सम्मान का रिश्ता कितना गहरा है।
ऑपरेशन सिंदूर: न्याय और संकल्प की गाथा
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाया गया निर्णायक अभियान था, जिसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर निर्णायक संदेश दिया। इस ऑपरेशन ने भारत की आंतरिक सुरक्षा नीति, सैन्य कौशल और दृढ़ संकल्प का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।



