
मुंबई। आयकर विभाग (आईटी) ने शुक्रवार को पारले-जी बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मुंबई स्थित विले पारले कारखाने सहित गुजरात के कच्छ में कई अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा की गई। हालांकि, छापेमारी के पीछे की सही वजह का खुलासा नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि यह छापेमारी आर्थिक अनियमितताओं और कर चोरी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की गई है। हालांकि, इस पर अभी तक पारले प्रोडक्ट्स या आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पारले प्रोडक्ट्स: 85 साल पुरानी कंपनी
1929 में स्थापित पारले प्रोडक्ट्स का नाम मुंबई के विले पारले इलाके से लिया गया था। 1938 में कंपनी ने पारले-ग्लूको बिस्किट लॉन्च किया, जिसे बाद में पारले-जी के नाम से जाना गया और यह भारत का सबसे लोकप्रिय बिस्किट ब्रांड बन गया। पारले बिस्किट्स के मुनाफे में हाल ही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023 में 743.66 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 1,606.95 करोड़ रुपये हो गया। इस छापेमारी को उद्योग जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयकर विभाग की जांच में क्या खुलासा होता है और कंपनी इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।




