
मुंबई। केंद्र सरकार समावेशी विकास, वैश्विक निवेश, नई तकनीक और युवाओं की भागीदारी के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार कार्य कर रही है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कही। बुधवार को वे विदेश मंत्रालय, फ्यूचर इकॉनॉमिक कॉर्पोरेशन काउंसिल और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्लोबल इकॉनॉमिक कोऑपरेशन समिट के संवाद सत्र को संबोधित कर रहे थे। पीयूष गोयल ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत को दुनिया का अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प सरकार ने लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करते हुए विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकेंद्रित योजनाओं से गरीब, वंचित और मध्यम वर्ग के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आर्थिक समावेशन, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। आवास, स्वच्छता, गैस कनेक्शन, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी योजनाओं से लोगों को लाभ मिला है।
बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर में राजमार्ग, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे और डिजिटल कनेक्टिविटी के विकास को गति दी गई है। ‘गति शक्ति’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से परियोजनाओं का समन्वित नियोजन किया जा रहा है और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
युवाओं और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर दिए जा रहे हैं। नवउद्यमियों को आर्थिक सहायता, मार्गदर्शन और वैश्विक बाजारों से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। साथ ही ड्यूल डिग्री और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान के जरिए भारतीय विद्यार्थियों को वैश्विक अनुभव देने पर भी जोर दिया जा रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों तक पहुंच रही हैं। डिजिटल लेनदेन और ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता बढ़ी है तथा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव हुआ है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत में निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। विकसित देश भारत को उन्नत तकनीक, पूंजी और वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद कर सकते हैं। साथ ही भारतीय स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिए तैयार रहने का आह्वान भी उन्होंने किया।




