
मुंबई। माझगांव न्यायालय में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंबई के कार्यालय में “सुकून” और “चला बोलूया” पारिवारिक परामर्श केंद्र का उद्घाटन 19 मार्च को संपन्न हुआ। इस केंद्र का शुभारंभ मुंबई उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति एवं लंबित और पूर्व दाखिल पारिवारिक विवाद समन्वय समिति की प्रमुख श्रीमती रेवती मोहिते डेरे के हाथों किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एम. एस. आज़मी, मुंबई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान न्यायाधीश (नगर दीवानी और सत्र न्यायालय) अनिल सुब्रमण्यम, सुकून टाटा सोशल संस्था की परियोजना सह-निदेशक श्रीमती अपर्णा जोशी, दीवानी और सत्र न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एडवोकेट रवि जाधव, दंडाधिकारी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी, मझगांव क्षेत्र के विभिन्न पुलिस थानों के अधिकारी और न्यायालयीन कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर न्यायमूर्ति श्रीमती रेवती मोहिते डेरे ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस विभाग को इस पारिवारिक परामर्श केंद्र का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। इससे न्यायिक प्रणाली और पुलिस प्रशासन पर बोझ कम होगा और सभी पक्षकारों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान सदस्य सचिव एम. एस. आज़मी और श्रीमती अपर्णा जोशी ने केंद्र की कार्यप्रणाली पर मार्गदर्शन दिया, जबकि प्रधान न्यायाधीश अनिल सुब्रमण्यम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।





