
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। भारत सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद झांसी में ‘सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 19 से 25 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विकास भवन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री प्रमोद अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने सुशासन की स्थापना के लिए लोक शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तभी स्थापित हो सकता है जब आम जनता की शिकायतों का नियमानुसार, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ‘प्रशासन गांव की ओर’ थीम के तहत सरकारी योजनाओं और सेवाओं से प्रत्येक गांव को संतृप्त करना ही इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य है। पूर्व आईएएस अधिकारी ने अधिकारियों को जन आकांक्षाओं और जन भावनाओं के अनुरूप कार्य करने की सीख दी और कहा कि प्रशासनिक दायित्वों के साथ सामाजिक व पारिवारिक दायित्वों में संतुलन बनाकर ही बेहतर कार्य निष्पादन संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी शासकीय कार्य में स्पष्ट दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। बदलती तकनीक के साथ कार्यप्रणाली में भी बदलाव जरूरी है, जिसके लिए विभागों को नवाचार अपनाने होंगे ताकि शासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो सके। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री योगेंद्र कुमार ने बताया कि ‘सुशासन सप्ताह–प्रशासन गांव की ओर’ के अंतर्गत तहसील, पंचायत और गांव स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में केंद्र सरकार की लोक शिकायत निवारण प्रणाली और राज्य पोर्टल पर लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के सफल समाधान से जुड़ी कम से कम एक ‘सफलता की कहानी’ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों ने अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। राजस्व विभाग ने बताया कि तहसील स्तर पर ग्रामवासियों की सुविधा के लिए अंश निर्धारण और सरकारी बंटवारे की प्रक्रिया चलाई जा रही है। उप जिलाधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर चौपाल और खुली बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहां वाद दाखिल कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को सरल, सस्ता और शीघ्र न्याय मिल सके। जिला विकास अधिकारी श्री सुनील कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार ग्राम सचिवालयों को ग्रामीण विकास का केंद्र बनाया जा रहा है। पंचायत सहायकों के माध्यम से आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी सेवाएं अब गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंचायत सहायकों का वीएलई के रूप में पंजीकरण किया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायत भवन से ही विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जा सकें। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास सहित अन्य विभागों की उपलब्धियों की जानकारी ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री आकाश रंजन ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेश कुमार, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार शिखर कुमार श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन मैत्रेय, डीपीआरओ, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




