
मुंबई। एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की मुंबई यूनिट ने भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में वी.पी. रोड पुलिस स्टेशन के दो पुलिस कांस्टेबल और एक पान दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने एक व्यापारी से रिश्वत की मांग कर अवैध वसूली की कोशिश की। एसीबी के अनुसार, जिन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है, उनकी पहचान पुलिस कांस्टेबल राजेंद्र व्यवहारे (35), राजेंद्र अंबिलवाड़ (37) और पान दुकानदार राज सिंह (31) के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता इम्पोर्टेड सिगरेट बेचने का व्यवसाय करता है। एसीबी को दी गई शिकायत में उसने बताया कि 16 जनवरी को कांस्टेबल राजेंद्र व्यवहारे और राजेंद्र अंबिलवाड़ उससे मिले और कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। आरोप है कि कांस्टेबलों ने उसे “गुड लक” के नाम पर 40 हजार रुपये और इसके बाद हर महीने 5-5 हजार रुपये की दो किस्तों में कुल 10 हजार रुपये देने को कहा, ताकि बिना लाइसेंस इम्पोर्टेड सिगरेट बेचने के मामले में उसे आरोपी न बनाया जाए। जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो बातचीत के बाद कथित तौर पर सौदा घटाकर “गुड लक” के नाम पर 20 हजार रुपये और हर महीने 10 हजार रुपये देने की मांग की गई। रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने 19 जनवरी को एसीबी से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने 19, 20 और 21 जनवरी को मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों कांस्टेबल शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की “गुड लक” राशि और हर महीने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। साथ ही उसे निर्देश दिया गया कि “गुड लक” की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये पान दुकानदार राज सिंह को दे दिए जाएं।
इसके बाद गुरुवार को एसीबी ने ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। कांस्टेबलों के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने जैसे ही राज सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत दी, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद कांस्टेबल राजेंद्र व्यवहारे को भी हिरासत में ले लिया गया। वहीं, दूसरा कांस्टेबल राजेंद्र अंबिलवाड़ घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।



