
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) से जुड़े 50 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए द ग्रीन बिलियंस लिमिटेड (टीजीबीएल) के सीईओ प्रतीक कनाकिया को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। ईडी के अनुसार, यह लोन पुणे में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए लिया गया था, लेकिन जांच में सामने आया है कि लोन की राशि का इस्तेमाल परियोजना में करने के बजाय निजी लाभ के लिए किया गया। एजेंसी का दावा है कि इस पैसे से कनाकिया ने शानदार जीवनशैली बनाए रखी, लग्जरी कारें खरीदीं और मुंबई व दिल्ली में महंगी रिहायशी संपत्तियां खरीदीं। इस मामले में सितंबर 2024 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रतीक कनाकिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान ईडी को ऐसे वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले, जो कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन की ओर इशारा करते हैं। ईडी ने सोमवार शाम को प्रतीक कनाकिया को गिरफ्तार किया और मंगलवार को विशेष अदालत में पेश किया। एजेंसी की ओर से पेश हुए वकील अभिनव तिवारी ने अदालत को बताया कि कनाकिया इस पूरे मामले में अपराध से प्राप्त धन के मुख्य लाभार्थी हैं और उनसे पूछताछ के लिए हिरासत जरूरी है। अदालत ने ईडी की दलीलों को स्वीकार करते हुए प्रतीक कनाकिया को 9 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लोन की रकम किन-किन माध्यमों से ट्रांसफर की गई, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितनी संपत्तियां अब तक इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग से खरीदी गईं। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।




