Friday, March 20, 2026
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भिवंडी में अवैध गोदामों पर सख्त कार्रवाई होगी, एमएमआरडीए के तहत बनेगा नया लॉजिस्टिक क्लस्टर: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई। ठाणे जिले के भिवंडी में हाल ही में अंजुर फाटा-दापोडा रोड स्थित वाल गांव की सीमा में एक रासायनिक गोदाम में लगी भीषण आग, जिसमें 12 गोदाम जलकर खाक हो गए, को लेकर महाराष्ट्र विधान परिषद में तीखी चर्चा हुई। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भिवंडी क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए गोदामों को सख्ती से बंद किया जाएगा, और ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गोदामों के पास दुकान एवं प्रतिष्ठान विभाग से अनुमति नहीं है, और रसायन भंडारण की जरूरी मंजूरी नहीं ली गई है, वे न केवल अवैध हैं, बल्कि जनजीवन के लिए भी खतरनाक हैं। ऐसे गोदामों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव, जिन्होंने बिना वैध अनुमति दिए इन गोदामों को मंजूरी दी, उन्हें भी दोषी मानकर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि भिवंडी की आपूर्ति श्रृंखला में गोदामों की भूमिका अहम है, लेकिन उनकी सुरक्षा और वैधता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन गोदामों को पहले ही नियमित करने का अवसर दिया गया है और जिन्होंने अब तक वैधता प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अंतिम मौका सर्वेक्षण के बाद दिया जाएगा। लेकिन बिना अनुमति बनाए गए और नियमित न किए गए गोदामों को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के माध्यम से भिवंडी क्षेत्र में गोदामों के लिए एक अलग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इसमें फायर स्टेशनों की स्थापना, उपग्रह आधारित जियो-स्पेशियल तकनीक द्वारा निगरानी, और एक प्रभावी नियंत्रण प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एमएमआरडीए और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ऐसे सभी गोदामों का सत्यापन करेगी। अंत में, मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि समृद्धि महामार्ग के साथ एक लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जाएगा जो सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और महाराष्ट्र के उद्योग और आपूर्ति तंत्र को मजबूती देगा। यह बयान विधान परिषद में दिए गए सदस्य एडवोकेट निरंजन डावखरे के सुझाव के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने हालिया आग की घटना की ओर ध्यान दिलाया था। इस मुद्दे पर सदस्य शशिकांत शिंदे, प्रवीण दारकेकर और उमा खापरे ने भी अपनी बात रखी।

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