
इंद्र यादव
मुंबई। मायानगरी मुंबई से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इंसानियत को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मलाड ईस्ट के कुरार गांव में एक 20 वर्षीय युवक पर महज ढाई महीने के मासूम पिल्ले के साथ यौन उत्पीड़न और जानलेवा मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने न केवल पशु प्रेमियों बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब एक सार्वजनिक शौचालय से किसी बेजुबान के रोने और कराहने की आवाजें आने लगीं। आसपास मौजूद लोगों को जब कुछ असामान्य लगा, तो इसकी सूचना स्थानीय पशु कार्यकर्ताओं और ‘प्योर एनिमल लवर्स’ फाउंडेशन को दी गई। इसके बाद तुरंत मुंबई पुलिस को खबर की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस और पशु कार्यकर्ता शौचालय का दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन अंदर मौजूद युवक काफी देर तक दरवाजा खोलने से इनकार करता है, जिससे शक और गहराता गया।
दरवाजा खुलते ही सामने आई हैवानियत
जब पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए शौचालय का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। आरोपी युवक को संदिग्ध हालत में रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी की उम्र भले ही कम हो, लेकिन उसकी कथित क्रूरता ने सभी को स्तब्ध कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया था कि हालात बेकाबू हो सकते थे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
जीवन और मौत के बीच मासूम पिल्ला
इस घटना का शिकार हुआ नन्हा पिल्ला फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। प्योर एनिमल लवर्स फाउंडेशन के अनुसार, पिल्ले की हालत बेहद गंभीर है। उसके शरीर पर गहरे जख्म हैं और मानसिक आघात भी अत्यंत गंभीर बताया जा रहा है। संस्था का कहना है कि वे केवल न्याय चाहते हैं ताकि भविष्य में कोई और बेजुबान इस तरह की हैवानियत का शिकार न बने। मुंबई पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। यह घटना समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। एक ओर हम जानवरों को वफादारी और संवेदना का प्रतीक मानते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे मानसिक रूप से विकृत लोग भी मौजूद हैं जो अपनी हिंसा और विकृति का शिकार उन बेजुबानों को बनाते हैं, जो अपनी पीड़ा शब्दों में भी बयान नहीं कर सकते।



