
संजय अग्रवाला,
जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल
विदेश यात्रा से लौटते समय यात्रियों के सामान को लेकर अक्सर असमंजस और विवाद की स्थिति बनती रही है। खासकर सोना, चांदी और आभूषणों को लेकर नियमों की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण कई बार यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पुराने बैगेज नियमों को बदल दिया है। वित्त मंत्रालय ने 2 फरवरी 2026 से कस्टम्स बैगेज (डिक्लेरेशन एंड प्रोसेसिंग) रेगुलेशंस, 2026 को लागू कर दिया है, जिससे 2016 के बैगेज नियमों को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया गया है। इन नए नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाना, नियमों को सरल बनाना और व्याख्या से जुड़े विवादों को खत्म करना है। नए बैगेज नियम 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा आभूषणों, विशेष रूप से सोने और चांदी के गहनों को लेकर हो रही है। अब तक यात्रियों के मन में यह सवाल बना रहता था कि विदेश से कितना सोना या चांदी लाया जा सकता है और उस पर कितना शुल्क देना होगा। नए नियमों में ‘ज्वेलरी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सोने और चांदी दोनों के आभूषण शामिल माने गए हैं। नियमों में अलग से यह नहीं बताया गया है कि ज्वेलरी सोने की है या चांदी की, बल्कि कुल वजन को आधार बनाया गया है। इन नियमों के तहत यदि कोई भारतीय निवासी या भारतीय मूल का पर्यटक, जो एक वर्ष से अधिक समय से विदेश में रह रहा है, भारत आता है तो उसे सीमित मात्रा में आभूषण बिना किसी कस्टम ड्यूटी के लाने की अनुमति होगी। महिला यात्री के लिए यह सीमा 40 ग्राम तक तय की गई है, जबकि महिला के अलावा अन्य यात्रियों के लिए यह सीमा 20 ग्राम रखी गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि कोई महिला यात्री दुबई, सिंगापुर, यूरोप या किसी भी अन्य देश से भारत लौटती है और उसके पास 40 ग्राम तक के सोने या चांदी के आभूषण हैं, तो उसे किसी प्रकार की कस्टम ड्यूटी नहीं देनी होगी। इसी तरह पुरुष यात्री 20 ग्राम तक के आभूषण बिना शुल्क के ला सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। नए नियमों के अनुसार, सभी यात्रियों को भारतीय सीमा शुल्क घोषणा फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इस फॉर्म में यात्रियों को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वे कौन-कौन से सामान अपने साथ ला रहे हैं, जिनमें आभूषण भी शामिल हैं। यदि यात्री द्वारा लाए गए आभूषण दैनिक उपयोग के लिए आवश्यक सीमा से अधिक हैं या निर्धारित विशेष छूट से ज्यादा हैं, तो उन्हें इसकी घोषणा करनी होगी। घोषणा में कुल व्यक्तिगत आभूषणों का वजन, चाहे वे नए हों या पुराने, और कुल लाए गए आभूषणों का वजन स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। यदि किसी यात्री द्वारा लाए गए आभूषणों का वजन निर्धारित ड्यूटी-फ्री सीमा से अधिक पाया जाता है, तो अतिरिक्त वजन पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी। नए नियमों के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि शुल्क केवल उसी मूल्य या वजन पर लगेगा, जो ड्यूटी-फ्री सीमा से अधिक होगा, न कि पूरे सामान पर। इससे यात्रियों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है। बैगेज नियम 2026 केवल आभूषणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें अन्य वस्तुओं के लिए भी ड्यूटी-फ्री सीमाएं तय की गई हैं। भारतीय निवासी, भारतीय मूल के पर्यटक या वैध वीजा वाले विदेशी नागरिक, जो भूमि मार्ग के अलावा किसी अन्य माध्यम से भारत आते हैं, वे 75,000 रुपये मूल्य तक का सामान बिना शुल्क के ला सकते हैं। वहीं, विदेशी मूल के पर्यटकों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये रखी गई है। हालांकि, जो यात्री भूमि मार्ग से भारत में प्रवेश करते हैं, उनके लिए ड्यूटी-फ्री सामान की कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके अलावा, सभी यात्रियों को दो लीटर तक शराब या वाइन बिना शुल्क के लाने की अनुमति दी गई है। तंबाकू उत्पादों के मामले में भी सीमा तय की गई है, जिसके तहत यात्री 100 सिगरेट, 25 सिगार या 125 ग्राम तंबाकू ला सकते हैं। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के यात्रियों को एक नया लैपटॉप या नोटपैड बिना किसी कस्टम ड्यूटी के लाने की छूट दी गई है। ये प्रावधान यात्रियों की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, ताकि बार-बार होने वाली पूछताछ और जब्ती की स्थिति से बचा जा सके। वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैगेज नियमों में यह बदलाव कई उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। इनमें सबसे प्रमुख है नियमों का सरलीकरण और युक्तिकरण, ताकि यात्रियों और कस्टम अधिकारियों दोनों के लिए प्रक्रिया आसान हो। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर यात्रियों से जुड़ी समस्याओं को कम करना, नियमों की व्याख्या को लेकर होने वाले विवादों का समाधान करना और अस्थायी रूप से लाए या ले जाए गए सामान की स्पष्ट व्यवस्था करना भी इन नियमों का उद्देश्य है। नए नियमों में भारतीय निवासियों और विदेशी पेशेवरों के लिए निवास स्थानांतरण से जुड़ी सुविधाओं को भी उनके भारत में रहने की अवधि के आधार पर पुनर्गठित किया गया है। नए बैगेज नियमों में कुछ वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित भी किया गया है। इनमें ऐसे नक्शे और साहित्य शामिल हैं, जिनमें भारत की बाहरी सीमाओं को गलत तरीके से दर्शाया गया हो। इसके अलावा, मादक पदार्थ और मनोदैहिक पदार्थ, बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाले सामान, वन्यजीव उत्पाद, भारतीय नकली मुद्रा और सिक्के, तथा कुछ निर्दिष्ट जीवित पक्षी और जानवर भारत लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन वस्तुओं के साथ पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कुल मिलाकर, बैगेज नियम 2026 को यात्रियों के लिए एक राहत भरे कदम के रूप में देखा जा रहा है। खासकर सोने और चांदी के आभूषणों को लेकर जो असमंजस बना रहता था, उसे इन नियमों ने काफी हद तक दूर कर दिया है। अब यात्रियों को स्पष्ट रूप से पता है कि वे कितनी मात्रा में आभूषण बिना शुल्क के ला सकते हैं और किन परिस्थितियों में उन्हें कस्टम ड्यूटी देनी होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि एयरपोर्ट पर कस्टम प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सुचारू हो सकेगी। 2 फरवरी 2026 से लागू हुए ये नियम आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




