
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चलते बेघर हुए परिवारों को बड़ी राहत देते हुए ‘होम स्वीट होम’ योजना के अंतर्गत मौजा पुनापूर में आवंटित घरों के भाड़ेपट्टा दस्त (रेंट एग्रीमेंट) के रजिस्ट्रेशन पर मात्र 1,000 रूपए स्टांप शुल्क लेने का निर्णय लिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। इस परियोजना के तहत बेघर हुए नागरिकों को 28 घर आवंटित किए गए हैं। पहले इन घरों के दस्तावेजों के पंजीकरण पर लगभग 40,000 से 45,000 रूपए का स्टांप शुल्क निर्धारित था, जिससे प्रभावित परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत पहले ही ऐसी श्रेणी के घरों के लिए केवल 1,000 रूपए स्टांप शुल्क लिया गया था, जिसके आधार पर समान रियायत की मांग की गई थी। अब सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए इन सभी 28 घरों के रजिस्ट्रेशन पर सिर्फ 1,000 रूपए का शुल्क तय किया है। ये घर ‘अत्यल्प उत्पन्न गट’ (EWS) के लिए मौजा पुनापूर में तैयार किए गए हैं। इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को न केवल वित्तीय राहत मिलेगी, बल्कि पुनर्वास प्रक्रिया भी आसान और शीघ्र होगी।



