
मुंबई। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सुरक्षा और तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले के साथ आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारियों पर गहन बैठक की, जिसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहे। इस बैठक में मॉक ड्रिल, ब्लैकआउट, साइबर निगरानी और नागरिक जागरूकता जैसे कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव राजेश कुमार, राज्य पुलिस महासंचालक रश्मि शुक्ला, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी, नागरी सुरक्षा के एडीजी प्रभात कुमार, गृह विभाग की प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी, गुप्त वार्ता विभाग के एआईजी शिरीष जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए:
प्रत्येक जिले में मॉक ड्रिल और वार रूम की स्थापना की जाए ताकि स्थानीय स्तर पर तत्परता बनी रहे।
स्वास्थ्य व आपदा प्रबंधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करने का आदेश दिया गया ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
ब्लैकआउट की स्थिति में अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए वैकल्पिक बिजली प्रणाली और समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
छात्रों और नागरिकों को ब्लैकआउट के दौरान सावधानियों के बारे में जागरूक करने हेतु वीडियो अभियान शुरू करने का निर्देश।
केंद्र सरकार की ‘यूनियन वॉर बुक’ का अध्ययन कर सभी अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाए।
सोशल मीडिया निगरानी के लिए जिलों के साइबर सेल को पाकिस्तान समर्थक या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर नजर और कार्रवाई का आदेश।
आपातकालीन फंड जिलाधिकारियों को तुरंत जारी किए जाएंगे ताकि जरूरी सामग्री की त्वरित खरीद की जा सके।
एमएमआर क्षेत्र की नगरपालिकाओं को ब्लैकआउट जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।
पुलिस विभाग को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की रोकथाम हेतु सघन गश्त और अभियान चलाने को कहा गया।
सैन्य तैयारियों की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना अपराध माना जाएगा और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए मछली पकड़ने वाली ट्रॉलर किराए पर लेने की योजना।
नागरिकों को सटीक और समय पर जानकारी देने के लिए विशेष सरकारी व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर साइबर खतरे की आशंका को देखते हुए सभी संस्थाओं का तत्काल साइबर ऑडिट कराने का आदेश।
अगली सुरक्षा समीक्षा बैठक में तीनों सेनाओं और कोस्ट गार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।




