
झांसी, उत्तर प्रदेश। अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण झांसी मंडल डॉ. सुमन की अध्यक्षता में मंडलीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वीकृत कार्यक्रमों की लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अपर निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित सभी योजनाओं में प्रगति लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि होली और रमजान के अवसर पर बाहर काम करने वाले लोग अक्सर अपने गृह जनपद लौटते हैं। ऐसे में यदि उनके आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, तो स्वास्थ्य कर्मी उनसे संपर्क कर उनके गोल्डन कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके। बैठक में मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा पर विशेष मंथन किया गया। इस दौरान हाई-रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों को समय से चिन्हित कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित कराने की रणनीति तैयार की गई, जिससे गर्भवती महिलाओं को संभावित जटिलताओं से बचाया जा सके। इसके साथ ही नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रमों तथा अन्य जनस्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा कराई। इसमें उपलब्धियों, वित्तीय प्रगति तथा सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 4D (जन्म दोष, रोग, कमी और विकास में विलंब) से ग्रसित बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि चिन्हित बच्चों को समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त बैठक में वित्तीय प्रगति, ओपीडी, आईपीडी और सर्जरी से संबंधित सेवाओं की भी समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में मंडल के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न स्तरों के अधिकारी, प्रबंधक तथा विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।



