
मुंबई। आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बीमारियों और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों को समन्वय कर स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग और लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के मूल्यांकन के लिए आयोजित बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सचिव विजय वाघमारे, लोक स्वास्थ्य सचिव डॉ. निपुण विनायक, और आईसीडीएस आयुक्त कैलास पगारे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. उइके ने कहा कि आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं आदिवासी नागरिकों तक पहुंचनी चाहिए और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए एक राज्य-स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो नंदुरबार, गोंदिया, गढ़चिरौली, जलगांव, नांदेड़, नासिक, पालघर और रायगढ़ जैसे जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का अध्ययन कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। साथ ही, कुपोषण के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स भी बनाई गई है जो आदिवासी क्षेत्रों में पोषण स्तर सुधारने की दिशा में कार्य करेगी। इस पहल से राज्य सरकार को आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य स्थितियों में ठोस सुधार की उम्मीद है




