
मुंबई। सीवर (गटर) सफाई के दौरान जान गंवाने वाले सफाई कर्मियों के परिवारों को लंबित मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए, ऐसे निर्देश राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने दिए। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल की अध्यक्षता में सफाई कर्मियों की समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर, समाज कल्याण विभाग की उपायुक्त स्वाती इथापे, सामाजिक न्याय विभाग की अवर सचिव प्रज्ञा देशमुख, मुंबई शहर के सहायक निदेशक प्रसाद खैरनार, मुंबई उपनगर के सहायक निदेशक रविकिरण पाटील सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में हरदीप सिंह गिल ने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और शासन के प्रावधानों के अनुसार पात्र परिवारों को पूर्ण मुआवजा तुरंत दिया जाए। जिन मामलों में परिवार के सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान है, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। लाड-पागे समिति की सिफारिशों के अनुरूप जारी शासनादेश का राज्य की सभी महानगरपालिकाओं और नगरपालिकाओं द्वारा तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो महानगरपालिका या नगरपालिका इन निर्देशों का पालन नहीं करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य में कार्यरत सफाई कर्मियों की संख्या का विस्तृत प्रतिवेदन सभी स्थानीय निकायों को प्रस्तुत करना होगा। तीन महीने बाद पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और तय समयसीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंग डागोर ने कहा कि महाराष्ट्र में लाड-पागे समिति की सिफारिशों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य आवास योजना के अंतर्गत जिन सफाई कर्मियों को अब तक आवास का लाभ नहीं मिला है, उनके मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। बैठक में मैन्युअल स्कैवेंजिंग प्रतिबंधक कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु आवश्यक उपायों तथा प्राप्त शिकायतों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।




