
मुंबई। महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में निर्माणाधीन 500 बेड वाले आधुनिक जिला अस्पताल का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश राज्य के परिवहन मंत्री तथा धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने दिए हैं। शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में दोनों मंत्रियों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस जनहितकारी परियोजना को तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। बैठक में पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि अस्पताल का निर्माण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही आने वाले दिनों में इस अस्पताल को आम जनता के लिए शुरू करने की योजना भी बनाई जाए। राज्य सरकार ने धाराशिव जिले के नागरिकों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 360 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का अत्याधुनिक जिला अस्पताल बनाने को मंजूरी दी है। समीक्षा बैठक में अस्पताल निर्माण के लिए आवश्यक निधि, तकनीकी अड़चनें और काम की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्तावित अस्पताल की मुख्य इमारत तीन मंजिला होगी और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 45 हजार वर्गमीटर होगा। परियोजना के अंतर्गत कैंटीन, धर्मशाला, लॉन्ड्री, मॉर्च्युरी, फार्मेसी भवन, पार्किंग व्यवस्था, गैस मैनिफोल्ड रूम, ऑक्सीजन प्लांट तथा बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की अलग सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। मंत्रियों ने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था, अग्निशमन प्रणाली, सौर ऊर्जा प्रणाली, वर्षा जल संचयन, पार्किंग और हरित क्षेत्र विकास जैसे कार्य भी उच्च गुणवत्ता के साथ किए जाएं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना धाराशिव जिले के आम नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस अस्पताल के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य है। बैठक में यह भी बताया गया कि छत्रपति संभाजीनगर में 400 बेड का जिला अस्पताल पहले ही बनाया जा चुका है और जरूरत पड़ने पर वहां का दौरा कर धाराशिव परियोजना में आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



