
मुंबई। महाराष्ट्र राजभवन का नाम ‘लोकभवन’ किए जाने के बाद पहली बार तैयार की गई ‘महाराष्ट्र लोकभवन’ दिनदर्शिका का विमोचन महाराष्ट्र एवं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के हाथों लोकभवन, मुंबई में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह दिनदर्शिका केवल तारीखों का संकलन नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने और उन्हें आम जनता के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने इस पहल से जुड़े सभी छायाचित्रकारों और आयोजकों को बधाई दी। दिनदर्शिका में अनेक नामांकित और प्रतिष्ठित छायाचित्रकारों द्वारा समय-समय पर लिए गए लोकभवन की ऐतिहासिक इमारतों के उत्कृष्ट छायाचित्र शामिल किए गए हैं। इसमें मुंबई स्थित लोकभवन के साथ-साथ नागपुर, पुणे और महाबलेश्वर स्थित लोकभवन परिसरों की इमारतों के चित्र भी सम्मिलित हैं। दिनदर्शिका में मुंबई के लोकभवन परिसर में स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले राष्ट्रीय पक्षी मोर के आकर्षक छायाचित्रों को भी विशेष स्थान दिया गया है, जो विरासत और प्रकृति के सुंदर संगम को दर्शाते हैं। विशेष बात यह है कि दिनदर्शिका में केवल नवीन छायाचित्र ही नहीं, बल्कि संबंधित ऐतिहासिक इमारतों के पुराने दुर्लभ छायाचित्र भी शामिल किए गए हैं। प्रत्येक छायाचित्र को उसके ऐतिहासिक संदर्भ के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठकों को इमारतों के इतिहास और महत्व को समझने में मदद मिलती है। इस दिनदर्शिका में सुधारक ओलवे, नवीन भानुशाली, सचिन वैद्य, प्रतीक चोरगे, हनीफ तडवी, संदीप यादव, वैभव नाडगांवकर, रमण कुलकर्णी, नागोराव रोडेवाड, आकाश मनसुखानी, सतीश कुलकर्णी और चंद्रकांत खंडागळे द्वारा लिए गए छायाचित्रों को शामिल किया गया है। विमोचन समारोह के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, उपसचिव राममूर्ति और जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर भी उपस्थित रहे।



