
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार माथाडी कामगारों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी मांगों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देख रही है। सह्याद्री अतिथि गृह में माथाडी संगठनों से संबंधित मुद्दों पर आयोजित बैठक में श्रम मंत्री एडवोकेट आकाश फुंडकर ने कहा कि माथाडी कानून को रद्द करने की अफवाहें निराधार हैं और यह कानून समाप्त नहीं किया जाएगा। सरकार माथाडी सलाहकार समिति का पुनर्गठन करेगी और अनुभवी श्रमिक नेताओं को इसमें शामिल किया जाएगा। माथाडी कामगारों के बच्चों को नियुक्तियों में प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार माथाडी मंडलों के साथ विभागवार संवाद स्थापित करेगी और प्रत्येक मंडल के लिए अलग-अलग बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालेगी। इस बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव आई.ए. कुंदन, श्रम आयुक्त डॉ. एच.पी. तुम्मोड, उपसचिव स्वप्नील कापडणीस, अवर सचिव दिलीप वणीरे, सहआयुक्त शिरीन लोखंडे सहित विभिन्न यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा, अखिल भारतीय माथाडी ट्रांसपोर्ट और जनरल कामगार यूनियन, महाराष्ट्र माथाडी और जनरल कामगार यूनियन, ट्रांसपोर्ट एंड डॉक वर्कर्स यूनियन, सुरक्षा गार्ड कामगार यूनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। श्रम मंत्री फुंडकर ने भरोसा दिलाया कि माथाडी कामगारों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।




