
मुंबई। राज्यपाल सी.पी.राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में बुधवार को राजभवन, मुंबई में गोंडवाना विश्वविद्यालय (गढ़चिरौली), लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन विश्वविद्यालय के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। समारोह में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, विधायक डॉ. परिणय फुके, मुंबई स्थित ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्यदूत पॉल मर्फी, कर्टिन विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर मार्क ओग्डेन, गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारे, लॉयड्स मेटल्स के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरण, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी और राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवारे समेत कई गणमान्य उपस्थित थे। पहले समझौते के तहत गढ़चिरौली में गोंडवाना विश्वविद्यालय और लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी के सहयोग से एक स्वायत्त ‘विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान’ की स्थापना की जाएगी, जो धातु विज्ञान, खनन, कंप्यूटर विज्ञान और अन्य इंजीनियरिंग विषयों में युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देगा। इसका उद्देश्य पिछड़े क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। दूसरे समझौते के अंतर्गत गोंडवाना विश्वविद्यालय और कर्टिन विश्वविद्यालय के बीच एक ट्विनिंग प्रोग्राम (ट्विनिंग डिग्री मॉडल) लागू किया जाएगा, जिसके तहत छात्रों को भारत और ऑस्ट्रेलिया में संयुक्त रूप से अध्ययन का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह पहल गढ़चिरौली जैसे आदिवासी और दूरस्थ जिले में उच्च शिक्षा के स्तर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




