
मुंबई। गर्गाई बांध और भांडुप जल शुद्धिकरण केंद्र, दोनों ही परियोजनाएं मुंबई की जल आपूर्ति के लिए बेहद अहम हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए मुंबई नगर निगम और वन विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। गर्गाई परियोजना से मुंबई को 400 एमएलडी पानी मिलेगा, जिससे अगले 50 वर्षों तक जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह परियोजना वाडा के पास उगदा गांव के निकट स्थापित की जा रही है, जिससे छह गांवों के पुनर्वास की आवश्यकता है। सीएम फडणवीस ने मुंबई नगर निगम और वन विभाग को 15 दिनों के भीतर पुनर्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इन गांवों को वाडा के पास 400 हेक्टेयर भूमि पर बसाया जाएगा, और पुनर्वास में भूमि मुआवजा व रोजगार के प्रावधान को पूरा किया जाएगा। पुनर्वास के बाद, यह क्षेत्र मुंबई के निकट का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य बनेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को जोड़ने के लिए नई सड़क का निर्माण भी होगा। इसके अलावा, भांडुप में प्रस्तावित 2000 एमएलडी क्षमता वाली जल शुद्धिकरण परियोजना से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए कार्रवाई में तेजी लाने की जरूरत पर बल दिया है। इस बैठक में वन मंत्री गणेश नाईक, अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, मित्रा संस्थान के सीईओ प्रविण परदेशी, मुंबई नगर निगम आयुक्त भूषण गगराणी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीनिवास राव और अन्य अधिकारी मौजूद थे।




