
देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। जनपद में नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा-2026 की शुरुआत सुखनई नदी किनारे स्थित जलविहार घाट पर विधिवत रूप से की गई। इस अवसर पर श्रमदान, जागरूकता रैली, चित्रकला प्रतियोगिता, गोष्ठी और शपथ कार्यक्रम जैसे विभिन्न आयोजन किए गए। छात्रों, शिक्षकों और अधिकारियों ने मिलकर स्वच्छता का संदेश दिया और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया। जिला गंगा समिति, सामाजिक वानिकी प्रभाग और जिला पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद सहित विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने सुखनई नदी के किनारे स्वच्छता अभियान चलाते हुए श्रमदान किया। जलविहार घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए साफ-सफाई की और आमजन को भी जागरूक किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद मऊरानीपुर की अध्यक्ष शशि श्रीवास ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पॉलीथिन पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक में मौजूद हानिकारक रसायन पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे) आयुष रविन्द्र भारती ने कहा कि नदियां मानव जीवन के लिए प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं, लेकिन तेजी से प्रदूषण की चपेट में आ रही हैं। उन्होंने सभी से मिलकर नदियों के संरक्षण के लिए प्रयास करने की अपील की और कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि अधिशासी अधिकारी सरवेश कुमार ने सुझाव दिया कि नदियों में गंदे नालों के पानी को जाने से रोकने के लिए फिल्टर प्लांट लगाए जाएं। साथ ही नदी किनारों पर डस्टबिन की व्यवस्था और कचरे के समुचित निस्तारण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण की भी बात कही। इस दौरान “स्वच्छ नदियां, स्वस्थ जीवन” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को नदियों में कूड़ा न डालने और स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय वनाधिकारी कृष्णाकुमार द्विवेदी, वन विभाग के कर्मचारी, नगरपालिका स्टाफ, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




