
भूपेंद्र सिंह
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने शहर के प्रमुख गांधीनगर तिराहे पर चल रहे चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्याकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। शनिवार को निरीक्षण के दौरान डीएम राठी ने बताया कि गांधीनगर तिराहे के आसपास पूरे क्षेत्र में री-इंजीनियरिंग के तहत सड़क को चौड़ा करने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और क्षेत्र के सौंदर्गीकरण का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक की आवाजाही सुगम होगी और जाम की समस्या कम होगी। बता दे कि परियोजना के तहत पूरे क्षेत्र को विभिन्न उपयोगों के अनुसार चिन्हित किया जा रहा है। इसमें वेंडिंग जोन, पैदल चलने वालों के लिए पेडेस्ट्रियन वॉक, वाहनों की पार्किंग तथा ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग बे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे यातायात सुव्यवस्थित हो सके। इसके अतिरिक्त, जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए नाले का भी निर्माण कराया जा रहा है। डीएम ने बताया कि गांधीनगर तिराहे पर बने गोलचक्कर का भी सौंदर्गीकरण किया जा रहा है। उन्नाव की पहचान को दर्शाने के लिए एक विशेष थीम तैयार की जाएगी। उन्नाव को ‘कलम और तलवार की भूमि’ के रूप में जाना जाता है, इसी पहचान को ध्यान में रखते हुए गोलचक्कर को विकसित किया जाएगा। यह कार्य पिछले लगभग चार महीने से लगातार चल रहा है। परियोजना बड़ी होने के कारण इसमें कई अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता पड़ी। डीएम ने बताया कि अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक स्थान भी चिन्हित किए गए हैं, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। वेंडिंग जोन के संबंध में उन्होंने बताया कि फल और सब्जी की दुकानों के लिए लगभग 50 मीटर की दूरी पर एक विशेष वेंडिंग एरिया बनाया गया है। यहां ऊंचा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिससे दुकानदार सुव्यवस्थित तरीके से अपनी दुकानें लगा सकेंगे। इसके साथ ही नगरपालिका की ओर से साफ-सफाई और शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डीएम ने बताया कि चौराहे के आसपास अस्थायी रूप से पंचर या अन्य छोटी दुकानों का संचालन कर रहे लोगों को हटाया जाएगा, क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती है। ऐसे लोगों के लिए कब्बा खेड़ा जैसे उपयुक्त स्थानों पर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जहां पत्थर या लोहे का काम करने वाले कारीगर भी अपना कार्य कर सकेंगे।




