Monday, January 12, 2026
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कांदिवली में 69 लाख रुपए की ठगी का खुलासा: शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा, आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के कांदिवली इलाके में शेयर गिरवी रखकर बड़े लोन का लालच देकर एक फ्रीलांस प्रोफेशनल से 69 लाख रुपए की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में जतिन कुमार उनादकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी बहन संगीता उनादकट सह-आरोपी के रूप में नामजद है और फिलहाल फरार चल रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या भाई-बहन ने इससे पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा, जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के रूप में काम करता है, ने पुलिस को बताया कि वह 2017 से 2023 तक एक डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में कार्यरत था और कई लोगों को मल्टीनेशनल बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने में मदद करता था। करीब दो साल पहले उसने संगीता उनादकट के लिए ₹25 लाख का लोन दिलवाया था, इसी दौरान उसकी पहचान संगीता के भाई जतिन कुमार से हुई, जिसने खुद को शेयर ट्रेडिंग और बल्क डीलिंग से जुड़ा बताया। जनवरी 2024 में नौकरी छोड़ने के बाद, जतिन और संगीता ने वर्मा को कांदिवली के सरोवर होटल के पास बुलाकर एक नए “बूम लिफ्ट” बिजनेस में निवेश का प्रस्ताव दिया और बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपए की जरूरत है, जबकि शुरुआती तौर पर ₹90 लाख चाहिए। जतिन ने भरोसा दिलाया कि वह अपने शेयर वर्मा के नाम ट्रांसफर कर देगा और उन्हीं शेयरों के बदले बड़ा बैंक लोन दिलवाया जाएगा। इस भरोसे में आकर वर्मा ने विरार स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपए में बेच दिया और जुलाई-अगस्त 2024 के बीच किश्तों में करीब 81 लाख रुपए जतिन को दे दिए। एक एग्रीमेंट के तहत वर्मा ने डीमैट अकाउंट भी खोला, लेकिन शेयर ट्रांसफर कराने के बहाने जतिन ने उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड हासिल कर लिया और बाद में झूठा दावा किया कि विभिन्न कंपनियों के शेयर ट्रांसफर हो चुके हैं। उसने एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी का फर्जी सैंक्शन लेटर भी दिखाया, जिसमें ₹2.80 करोड़ का लोन मंजूर होने का दावा किया गया था, लेकिन बार-बार पूछने के बावजूद लोन की रकम कभी वर्मा के खाते में नहीं आई। बाद में जांच करने पर सामने आया कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी वे असली नहीं, बल्कि डेमो या वर्चुअल स्टॉक्स थे और वास्तव में कोई लोन मंजूर ही नहीं हुआ था। जब वर्मा ने पैसे वापस मांगे तो दिए गए सिक्योरिटी चेक भी बाउंस हो गए और केवल 1.77 लाख रुपए लौटाए गए, जबकि 69.18 लाख रुपए का गबन कर लिया गया। शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतिन कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपनी बहन के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। पुलिस फरार सह-आरोपी की तलाश के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगा तो नहीं।

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