
मुंबई। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न श्रम कानूनों को एकीकृत कर चार व्यापक श्रम संहिताओं में परिवर्तित किए जाने से अब कामगारों के अधिकार और अधिक मजबूत होंगे तथा उद्योगों को सरल और पारदर्शी नियामक व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह बात राज्य के कामगार मंत्री आकाश फुंडकर ने कही। शनिवार को “नारायण मेघाजी लोखंडे व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य पुरस्कार 2025” का वितरण समारोह जियो कन्वेंशन सेंटर में उनके हस्ते संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प्रधान सचिव आई. ए. कुंदन, कामगार आयुक्त डॉ. एच.पी.तुम्मोड, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों के लगभग 1600 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान राज्य में सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले खतरनाक और गैर-खतरनाक उद्योगों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न श्रेणियों में कुल 24 पुरस्कार प्रदान किए गए। मंत्री फुंडकर ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, जिससे उद्योगों और कामगारों दोनों को लाभ हुआ है और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए कामगारों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में उद्योग और कामगारों के हितों का संतुलन बनाए रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए डिजिटल और ऑनलाइन प्रणालियों पर जोर दे रही है, जिससे शिकायतों का तेजी से निवारण संभव हो रहा है। महिला कामगारों के सशक्तिकरण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। पहले प्रतिबंधित औद्योगिक क्षेत्रों में अब महिलाओं को काम करने की अनुमति दी गई है और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के साथ उन्हें रात्रि पाली में भी कार्य करने की अनुमति दी गई है। प्रधान सचिव आई. ए. कुंदन ने कहा कि नई श्रम संहिताओं से वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक समग्र कानूनी ढांचा तैयार हुआ है, जिससे कामगारों को अधिक सुरक्षा और उद्योगों को प्रक्रियागत सरलता मिलेगी। कार्यक्रम में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संचालनालय के निदेशक दीपक पोकळे ने नई श्रम संहिताओं के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही औद्योगिक सुरक्षा विषय पर पैनल चर्चा और “व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता 2020” पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन भी किया गया। औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 12 अप्रैल 2026 को नवी मुंबई के पाम बीच रोड पर “Run for OSH-2026” मैराथन का आयोजन भी किया गया।




