
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राज के. पुरोहित का मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज जारी था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक जगत, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। राज के. पुरोहित का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मरीन ड्राइव स्थित राजहंस बिल्डिंग में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। उल्लेखनीय है कि उनके निधन से ठीक एक दिन पहले ही उनके बेटे आकाश राज पुरोहित ने बीएमसी चुनाव में जीत दर्ज की थी। जीत की खुशी के अगले ही दिन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आकाश राज पुरोहित ने वार्ड 121 से लगातार दूसरी बार बृहन्मुंबई महानगरपालिका का चुनाव जीता है। राज के. पुरोहित मूल रूप से राजस्थान के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते थे। वे सिंधिया एस्टेट में मैनेजर के रूप में कार्यरत थे और बाद में उनका परिवार महाराष्ट्र आकर बस गया। राजनीति में सक्रिय होने के बाद वे मुंबई भाजपा के अध्यक्ष भी रहे और मुंबई की राजनीति में राजस्थानी समाज के एक मजबूत स्तंभ के रूप में पहचाने गए। राज के. पुरोहित मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे। उन्होंने विधायक, प्रतोद और राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहकर लंबे समय तक जनसेवा की। उन्हें एक आक्रामक, संगठित और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था, जिनका पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान रहा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और करीबी मित्र राज पुरोहित के निधन से पार्टी ने एक सशक्त और प्रेरणादायी व्यक्तित्व खो दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक, प्रतोद और मुंबई भाजपा अध्यक्ष के रूप में राज पुरोहित ने पार्टी के विस्तार और संगठनात्मक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फडणवीस ने उन्हें जोशीला, आत्मविश्वासी और सकारात्मक व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि उनके निधन से भाजपा परिवार में एक बड़ा खालीपन आ गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज के. पुरोहित एक विद्वान, आक्रामक और जनता की भलाई के लिए लगातार काम करने वाले नेता थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति ने एक अनुभवी और समर्पित जननेता को खो दिया है। राज के. पुरोहित का निधन न सिर्फ भाजपा के लिए बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।




