
मुंबई। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने भारत से विदेश में विदेशी मुद्रा की तस्करी की कोशिश का बड़ा खुलासा करते हुए सिंडिकेट से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष खुफिया सूचना के आधार पर 12 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर दुबई जा रहे चार यात्रियों—अब्दुल करीम, मोहम्मद मुख्तार, अब्दुल खादिर मुअज्जम कोला और अब्दुल खादिर—को रोका गया। उनके सामान की तलाशी लेने पर करीब 1.93 करोड़ रुपये मूल्य के ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर बरामद हुए। साथ ही 53 पारदर्शी पाउच में छिपाकर रखे गए 93 ग्राम हीरे भी जब्त किए गए। यात्रियों के पास बरामद विदेशी मुद्रा और हीरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विदेशी मुद्रा उन्हें एक व्यक्ति ने दी थी, जबकि हीरे मुंबई के एक अन्य व्यक्ति ने दुबई पहुंचाने के लिए प्रति हीरा 20,000 रुपये के एवज में सौंपे थे। जांच के दौरान डीआरआई ने सूफियान नरपाली नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने कथित रूप से विदेशी मुद्रा यात्रियों तक पहुंचाई थी। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह फोर्ट स्थित बोरा बाजार स्ट्रीट पर दुकान चलाने वाले बी.एच. जैन से विदेशी मुद्रा लेता था। इसके बाद डीआरआई ने जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान उसकी दुकान में दो गुप्त स्थानों से 51.45 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा और 45.90 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद की गई। जैन ने कथित तौर पर विदेशी मुद्रा तस्करी सिंडिकेट में अपनी भूमिका स्वीकार की है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त भारतीय मुद्रा भी सिंडिकेट के निर्देश पर विदेश भेजने की तैयारी में थी। डीआरआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। साथ ही विदेशी मुद्रा की खरीद के स्रोत की भी जांच की जा रही है।




