
पुणे। पुणे की एक अदालत ने 23 वर्षीय वैष्णवी हगवाने आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपियों की फरारी में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच व्यक्तियों को 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। वैष्णवी ने 16 मई को मुलशी तालुका के भुकुम गांव में आत्महत्या कर ली थी, जिसके अगले दिन बावधन थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उसके ससुर राजेंद्र हगवाने और साला सुशील हगवाने फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान उन्हें कई लोगों ने वाहन, ठिकाने और अन्य रसद के रूप में सहायता दी थी, जिससे वे सात दिनों तक गिरफ्तारी से बच सके। अंततः उन्हें पुणे के स्वर्गेट इलाके से गिरफ्तार किया गया। फरारी में मदद करने के आरोप में पुलिस ने प्रीतम वीरकुमार पाटिल, मोहन उर्फ बंडू उत्तम भेगड़े, बंडू लक्ष्मण फाटक, अमोल विजय जाधव और राहुल दशरथ जाधव को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में से कई का राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव भी है – जैसे कि प्रीतम पाटिल कर्नाटक के पूर्व ऊर्जा मंत्री के पुत्र हैं, भेगड़े भाजपा के पूर्व पदाधिकारी हैं, और फाटक पूर्व सरपंच रह चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों की हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि यह अपराध जमानती है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब अदालत ने सभी को सशर्त जमानत दे दी है। मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक जुड़ाव को देखते हुए पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने में किसकी क्या भूमिका रही।




