
पुणे। पुणे जिले की दौंड तहसील के यवत गांव में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हवाई फायरिंग की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अंबिका लोक कला केंद्र में सोमवार देर रात चल रहे लावणी और तमाशा नृत्य प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से हवा में गोली चलाई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और एनसीपी (अजित पवार गुट) के विधायक शंकर मांडेकर के भाई कैलास उर्फ बालासाहेब मांडेकर समेत चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। नृत्य प्रदर्शन के दौरान हवा में गोली चलाने के मामले में जिन चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनकी पहचान कैलास उर्फ बालासाहेब मांडेकर, गणपत जगताप, चंद्रकांत मार्ने और रघुनाथ अवद के रूप में हुई है। इनमें से कैलास मांडेकर, गणपत जगताप, और रघुनाथ अवध को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से हथियार और वाहन भी जब्त किए हैं। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे जब लोक कला कार्यक्रम चल रहा था, तभी कैलास मांडेकर ने मंच के पास नृत्य के दौरान हवाई फायर किया और फिर अपने साथियों के साथ कार्यक्रम स्थल से फरार हो गया। सौभाग्यवश इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। यह कार्यक्रम पारंपरिक लावणी और तमाशा कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप
घटना के सामने आने के बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह घटना 21 जुलाई को हुई थी, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने कलाकारों और आयोजकों का एक वीडियो बयान दर्ज किया, जिसमें उनसे कहा गया कि कोई गोलीबारी नहीं हुई थी — जिसे उन्होंने ‘दबाव डालकर बयान लेने’ की प्रक्रिया करार दिया।
विधायक शंकर मांडेकर का बचाव
अजित पवार गुट के विधायक शंकर मांडेकर ने अपने भाई कैलास मांडेकर की घटना में संपृक्ति स्वीकार की, लेकिन यह भी कहा कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि कैलास के पास कोई हथियार नहीं है, और गोली चलाने वाली बंदूक गणपत जगताप की थी, जिसके पास वैध लाइसेंस है।




